इंद्र ने अवधि ज्ञान से जाना एक महा ज्ञानी पहचाना यह भजन चाहिए
आप जिस भाव की बात कर रहे हैं, वह भगवान महावीर की कथा से जुड़ा है: इन्द्र ने अवधिज्ञान से जान लिया था कि भगवान की दिव्य ध्वनि सुनने योग्य योग्य गणधर उपस्थित हैं। ( jainsaar.com)
इसी भाव पर एक सरल जैन भजन:
इंद्र ने अवधिज्ञान से जाना, एक महा ज्ञानी पहचाना। गौतम जैसा गुणवान मिला, प्रभु का अनुपम वरदान मिला।
ज्ञान, दर्शन, चारित्र की धारा, बहती रही प्रभु की उजियारा। वीर प्रभु की जय-जयकार, वंदूँ तुमको बारंबार।
अहिंसा का पावन संदेश, करुणा से भर दे मन-प्रदेश। जैन धर्म की यही पहचान, मोक्ष-मार्ग का शुद्ध विधान।
अगर आप चाहें, मैं इसी भाव में और लंबा, मधुर, गाने योग्य पूर्ण भजन भी लिख सकता हूँ।