PANCHINDIYA SUTRA in hindi
पंचिंदिय सूत्र का भावार्थ हिंदी में:
पाँच इन्द्रियाँ हैं —
- स्पर्शन
- रसना
- घ्राण
- चक्षु
- श्रवण
इन इन्द्रियों का संयम रखना ही जैन साधना का महत्त्वपूर्ण अंग है। जो साधक अपनी इन्द्रियों को वश में रखता है, वह अहिंसा, संयम और आत्मशुद्धि की ओर बढ़ता है।
सरल हिंदी अर्थ
- स्पर्श, स्वाद, गंध, रूप और शब्द — इन पाँच इन्द्रियों के विषयों में आसक्ति न हो।
- इन्द्रियों को धर्म, संयम और आत्म-हित में लगाना चाहिए।
- इन्द्रिय-निग्रह से कर्मों का बंध कम होता है।
अगर आप चाहें, तो मैं पंचिंदिय सूत्र का शुद्ध प्राकृत पाठ और हिंदी अर्थ भी दे सकता हूँ।