Ho jyavant ayodhya tirth janambhumi kirat kisme ye line aati hai
यह पंक्ति अयोध्या तीर्थ के स्तवन / गुणगान में आती है। अर्थात यह भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की जन्मभूमि अयोध्या की महिमा बताने वाली पंक्ति है।
सामान्य रूप से इसका प्रयोग “अयोध्यापुरम” या अयोध्या-तीर्थ स्तुति में मिलता है, जहाँ अयोध्या को जैन धर्म की पावन जन्मभूमि कहा गया है।