Shakal khushala valli, chetya vandan se pehle bolna zaroori hai?
“Shakal Khushala Valli” एक पारंपरिक जैन स्तुति है, जिसे प्रायः श्रद्धानुसार पूजा या चैतन्य वंदन (Chetya Vandan) से पहले बोला जाता है। हालांकि, इसे बोलना अनिवार्य (compulsory) नहीं है। यह मुख्य रूप से आस्था, परंपरा और भावना का विषय है।
परंपरागत रूप से, जैन साधर्मी “शकल खुशाला वल्ली” का उच्चारण चैतन्य वंदन शुरू करने से पूर्व करते हैं ताकि अपने, अपने परिवार, और सभी जीवों की मंगल कामना की जा सके। इससे मन शुद्ध और शांत होता है तथा साधना के लिए उपयुक्त वातावरण बनता है।
संक्षेप में:
- अनिवार्य नहीं है, लेकिन परंपरा और भावना के अनुसार बोलना शुभ और लाभकारी माना जाता है।
- पूजा, स्वाध्याय, या चैतन्य वंदन में यह आपकी निजी श्रद्धा पर निर्भर करता है।
अगर आपके गुरु या आपके समाज की विशेष परंपरा है, तो उसका पालन करें। Jain Agamas या मूल शास्त्रों में इसका कोई अनिवार्य नियम नहीं है।