Posted by Jain Follower Kun ganje nar khet 4 months ago 52 यह पंक्ति स्पष्ट नहीं है और मुझे यह किसी प्रामाणिक जैन सूत्र या स्तोत्र की मानक पंक्ति के रूप में पहचान में नहीं आ रही है। यदि पूरा श्लोक या सही शब्द भेजें, तो मैं उसका जैनार्थ सरल रूप में बता दूँगा।