पहर कब् कब है
जैन धर्म में "पहर" (या प्रहर) समय मापन की एक पारंपरिक इकाई है। एक दिन (२४ घंटे) को ८ पहरों में बाँटा जाता है। प्रत्येक पहर लगभग ३ घंटे का होता है। दिन और रात के चार-चार पहर होते हैं:
दिन के पहर:
- पहला पहर: सूर्योदय से लगभग ३ घंटे बाद तक (सुबह ६ बजे से ९ बजे तक)
- दूसरा पहर: ९ बजे से १२ बजे तक
- तीसरा पहर: १२ बजे से ३ बजे तक
- चौथा पहर: ३ बजे से ६ बजे तक
रात के पहर:
- पहला रात का पहर: ६ बजे से ९ बजे तक
- दूसरा: ९ बजे से १२ बजे तक
- तीसरा: १२ बजे से ३ बजे तक
- चौथा: ३ बजे से ६ बजे (अगला सूर्योदय)
जैन धर्म में विशेष व्रतों, प्रतिक्रमण आदि के समय निर्धारण में पहर का उपयोग किया जाता है।