माती ज्ञान से कितनी रिद्धि उत्पन्न होती हैं
जैन परंपरा में विशुद्ध/दिव्य मति-ज्ञान से 18 बुद्धि-ऋद्धियाँ मानी गई हैं।
संक्षेप में, इन्हें मति-ज्ञान की विशेष शक्तियाँ कहा जाता है। उनमें कुछ प्रमुख ऋद्धियाँ हैं जैसे:
- कोष्ठ-बुद्धि
- एक-बीज बुद्धि
- संभिन्न-श्रुत
- पदानुसारिणी
- दूर-श्रवण
- दूर-स्पर्शन
- दूर-घ्राण
- दूर-आस्वादन
- दूर-अवलोकन
इसलिए उत्तर है: 18 ऋद्धियाँ।