वार्ता: पदात्पदमपि व्रजति
“वार्ता: पदात्पदमपि व्रजति” का सरल अर्थ है:
समाचार, चर्चा या बात एक स्थान से दूसरे स्थान तक धीरे-धीरे फैल जाती है। अर्थात् कोई बात कदम-कदम पर आगे बढ़ती हुई बहुत दूर तक पहुँच जाती है।
शब्दार्थ:
- वार्ता = बात, समाचार, चर्चा
- पदात् पदम् = एक कदम से दूसरे कदम तक
- व्रजति = जाती है, बढ़ती है
भावार्थ:
जिस प्रकार व्यक्ति एक-एक कदम चलकर आगे बढ़ता है, उसी प्रकार कोई बात भी धीरे-धीरे फैलकर बहुत दूर तक पहुँच जाती है।यदि आप चाहें, मैं इसका संस्कृत व्याकरण सहित अर्थ या जैन दृष्टि से भावार्थ भी बता सकता हूँ।