Tell me a prakrit verse related to darshan from aagam
हाँ — दर्शन से संबंधित एक प्रसिद्ध प्राकृत पंक्ति यह है:
“दंसणमूलो धम्मो।”
अर्थ: धर्म का मूल सम्यक् दर्शन है। अर्थात् सच्ची श्रद्धा और सम्यक् दृष्टि के बिना धर्म की पूर्ण साधना नहीं होती।
यदि आप चाहें तो मैं सम्यक् दर्शन पर एक और आगमिक प्राकृत गाथा भी दे सकता हूँ।