Tasautari sutra meaning
Tassa Uttari Sutra का अर्थ है:
“मैं अब कायोत्सर्ग के द्वारा पापों का प्रायश्चित्त, शुद्धि, और नाश करने हेतु स्थिर ध्यान में स्थित होता हूँ।” ( jainknowledge.com)
सरल भाव:
- उत्तरी-करणेणं = आगे की शुद्धि / दोष-निवारण के लिए
- पायच्छित्त-करणेणं = प्रायश्चित्त के लिए
- विसोही-करणेणं = आत्म-शुद्धि के लिए
- विसल्ली-करणेणं = मानसिक-शारीरिक पीड़ा/अशांति हटाने के लिए
- पावाणं कम्माणं निग्घायणट्ठाए = पाप कर्मों का नाश करने के लिए
- ठामि काउस्सग्गं = मैं कायोत्सर्ग करता हूँ / स्थिर ध्यान में रहता हूँ ( jainknowledge.com)
यह सूत्र प्रायः प्रतिक्रमण में, Iriyāvahiya Sutra के बाद, कायोत्सर्ग शुरू करने से पहले बोला जाता है। इसका उद्देश्य आत्मा को शुद्ध करना और पाप-कर्मों को क्षीण करना है। ( jainqq.org)
यदि आप चाहें, मैं इसका पूरा मूल पाठ + शब्दार्थ भी दे सकता हूँ।