Namo jinanam Jia bhayanam
“Namo Jinānāṃ, Jiya Bhayānāṃ” का भावार्थ है:
“मैं जिनों को नमस्कार करता हूँ, जिन्होंने भय को जीत लिया है।”
- Jina = जो राग, द्वेष, मोह, और आंतरिक शत्रुओं को जीत चुके हों
- Bhaya = भय
- Jiya / Jitā = जीता हुआ, विजयी
इस वाक्य का संदेश है कि सच्चा विजय वही है जिसमें मन के भय और कर्म-बंधन पर विजय प्राप्त की जाए। यह Jain dharma की निर्भयता, आत्म-जय, और वीतरागता की भावना को दर्शाता है।
अगर आप चाहें, तो मैं इसका शुद्ध श्लोक/प्राकृत रूप और लाइन-दर-लाइन अर्थ भी दे सकता हूँ।