अध्ययन करते करते भगवान कौन बने
जैन धर्म में केवल अध्ययन करने से कोई भगवान नहीं बनता। भगवान/अरिहंत बनने के लिए सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चारित्र, तप, संयम और आत्मशुद्धि आवश्यक है।
अध्ययन तो ज्ञान का साधन है, लेकिन मोक्षमार्ग में उसे आचरण के साथ जोड़ना पड़ता है।
अगर आप किसी विशेष जैन कथा या प्रसंग के बारे में पूछ रहे हैं, तो वह भी जैन दृष्टि से समझाया जा सकता है।