Sarvārth sid k devo kitne varsh k baad bhuk lagti hai
जैन धर्म के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि देवी-देवताओं (Sarvārth Siddha Devas) को अनन्त सुख और ऐश्वर्य प्राप्त होता है। वे सिद्ध शिखर के समान अपने लोक में रहते हैं। उन्हें कोई भौतिक आवश्यकता नहीं रहती, जैसे भूख, प्यास, निद्रा आदि। अतः, सर्वार्थ सिद्धि देवों को कभी भी भूख नहीं लगती।
यह देवगति के उच्चतम स्तर के देव होते हैं और उनके सुख ऐश्वर्य स्थायी होते हैं। जैन ग्रंथों के अनुसार, वे केवल अपने पुण्य के अनुसार वहाँ रहते हैं और उनकी आयु समाप्त होने पर उनका पुनर्जन्म होता है, लेकिन भूख-प्यास जैसी कोई आवश्यकता उन्हें नहीं होती।
सारांश: सर्वार्थ सिद्धि देवों को कभी भूख नहीं लगती।