Vasumati ne bhagwan ko kis chiz se paarna karaya
जैन धर्म के अनुसार, "पारणा" का अर्थ है उपवास (उपवास/तपस्या) के बाद अन्न, जल आदि ग्रहण करना। भगवान महावीर स्वामी के जीवन प्रसंग में 'वासुमती' नाम की एक गृहिणी का उल्लेख आता है।
कथा के अनुसार, भगवान महावीर ने लगातार ५५ दिन का उपवास किया था और वे उपयुक्त पात्र (सच्ची श्रद्धा, सात्विकता, नियमों के अनुसार भोजन) की प्रतीक्षा कर रहे थे। वासुमती नामक गृहिणी ने नियम पूर्वक सादगी, श्रद्धा और अहिंसा भाव से भगवान को आहार (खीर) अर्पित किया था। इसी से भगवान महावीर ने अपना उपवास पारणा किया था।
तो, वासुमती ने भगवान महावीर को खीर (दूध-चावल से बनी मिठाई) से पारणा करवाया था।
सारांश: वासुमती ने भगवान महावीर स्वामी को 'खीर' (दूध और चावल) से पारणा कराया था।