Shreyanshnath kis samay moksh ko prapt huye , apranhik , porvanik , subah sham
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श्रेयान्शनाथ भगवान (श्री श्रीयांसनाथ) 11वें तीर्थंकर हैं। जैन शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रेयांसनाथ ने चंपापुरी (वर्तमान बिहार) में सम्मेद शिखरजी पर्वत पर माघ शुक्ल अष्टमी के दिन प्रातःकाल (सुबह) के समय केवलज्ञान (कैवल्य) प्राप्त किया था और वहीं से वे मोक्ष गए थे। मोक्ष प्राप्ति का समय प्रायः प्रातःकाल ही माना गया है।
आपके पूछे अनुसार:
- अपरण्हिक: दोपहर के बाद का समय
- पोरवणिक: दोपहर से पहले का समय (अर्थात् प्रातःकाल)
जैन ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रेयांसनाथ ने पोरवणिक (प्रातःकाल) के समय मोक्ष प्राप्त किया था।