Shantinath Bhagwan ka shanosran
शांतिनाथ भगवान की स्तुति / स्तोत्र
ॐ ह्रीं श्री शांतिनाथाय नमः। शांतिनाथ भगवान की जय हो। आप शांति, करुणा और समता के साक्षात् स्वरूप हैं। आपके चरणों में मेरा नमन है। आप मेरे मन, वचन और काया में शांति स्थापित करें। मुझे अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और क्षमा के पथ पर चलने की प्रेरणा दें।
संक्षिप्त अर्थ
शांतिनाथ भगवान 16वें तीर्थंकर हैं। उनका नाम ही शांति का प्रतीक है। उनकी वंदना करने से मन शांत होता है, क्रोध कम होता है, और आत्मा में धर्मभाव जागृत होता है।भावार्थ
- शांति — भीतर की स्थिरता
- समता — सुख-दुःख में समान भाव
- करुणा — सभी जीवों के प्रति दया
- मोक्षमार्ग — आत्मा की शुद्धि का मार्ग
यदि आप चाहें, मैं शांतिनाथ भगवान का पूरा स्तोत्र, आरती, या 24 तीर्थंकरों में उनका परिचय भी दे सकता हूँ।