Dev lokh ka ayushya kitna hai
जैन धर्म में देवलोक का आयुष्य एक जैसा नहीं होता। यह देव के भेद और उसके लोक/विमान के अनुसार अलग-अलग होता है।
सामान्य रूप से:
- नीचे के देवों का आयुष्य अपेक्षाकृत कम होता है।
- ऊपर के वैमानिक देवों का आयुष्य बहुत अधिक होता है।
- कुछ देवों का आयुष्य हजारों वर्ष, कुछ का लाखों-करोड़ों वर्ष के बराबर बताया गया है।
इसलिए संक्षेप में कहा जाए तो: देवलोक का आयुष्य बहुत दीर्घ होता है, लेकिन सभी देवों के लिए समान नहीं होता।