Shlok while entering temple
Jain temple में प्रवेश करते समय सबसे पवित्र और सामान्य रूप से बोला जाने वाला मंत्र णमोकार मंत्र है:
णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं
अर्थ: मैं अरिहंतों को नमस्कार करता हूँ, सिद्धों को नमस्कार करता हूँ, आचार्यों को नमस्कार करता हूँ, उपाध्यायों को नमस्कार करता हूँ, और संसार के सभी साधुओं को नमस्कार करता हूँ।
यदि आप चाहें तो मंदिर में प्रवेश करते समय यह भी मन में बोल सकते हैं:
“निस्सीहि” यह भावना के रूप में कहा जाता है कि अब मैं बाहरी संसार की राग-द्वेष की बातों को छोड़कर परम पवित्र स्थान में प्रवेश कर रहा हूँ।
एक सरल भावपूर्ण वाक्य भी है:
“जय जिनेंद्र”
यह मंदिर में प्रवेश के समय बहुत सम्मानपूर्वक बोला जाता है।