tapagacha ma Sadhvi Ji Maharaj Sahab ne vandan ke Nati kara tha
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आपका प्रश्न थोड़ा अस्पष्ट है। यदि आप तपागच्छ में साध्वीजी महाराज साहब को वंदन करने की विधि या “नति” का अर्थ पूछ रहे हैं, तो जैन परंपरा में वंदन विनय, नम्रता और श्रद्धा के साथ किया जाता है।
वंदन का भाव यह होता है कि हम साधु-साध्वी भगवंतों के प्रति सम्मान प्रकट करें, और मन में अहंकार न रखें। नति का अर्थ भी झुककर आदर करना, विनम्रता दिखाना है।
यदि आप चाहें, तो मैं तपागच्छ में वंदन की सही विधि सरल भाषा में बता सकता हूँ।