73 bolon mein se 10th bol
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73 bol (73 बोल) जैन धर्म में एक प्रसिद्ध धार्मिक स्तुति है, जिसमें 73 श्लोक (पद) होते हैं। आप ने 10वाँ बोल (पद) पूछा है। 73 बोल के 10वें पद का पाठ इस प्रकार है:
"जन्मदुखमरणदुखं जरा दुखं पुनः पुनः। संसरति जना: सर्वे संसारे दुःखमालये॥"
इसका अर्थ है: "जन्म दुखद है, मरण दुखद है, बार-बार जरा (बुढ़ापा) दुखद है। संसार में सभी प्राणी इस दुखमय संसार में बार-बार जन्म-मरण को प्राप्त करते हैं।"
यदि आपको 73 बोल के अन्य पद या इनका अर्थ चाहिए, तो कृपया बताएं।