Nigod mein kitne jeev
जैन धर्म के अनुसार "निगोद" (Nigod) सबसे निम्नतम वर्ग का अस्तित्व है, जहाँ अनंत संख्या में जीव (जीवात्माएँ) रहती हैं। निगोद वे स्थान हैं जहाँ जीव अत्यंत सूक्ष्म, एकेन्द्रिय (एक इंद्रिय वाले), और अत्यंत अल्प आयु, ज्ञान व शक्ति वाले होते हैं। निगोद में जीवों की संख्या अनंत (अनगिनत) बताई गई है।
अर्थात्, निगोद में जीवों की कोई निश्चित संख्या नहीं है, बल्कि वहाँ अनंत जीव होते हैं। यह जैन दर्शन में संसार के सबसे निम्नतम और अंधकारमय जीवन को दर्शाता है।