Bhim muni ne kis ashtra ki nauk se ahaar liya
Bhim Muni ने अपने जीवनकाल में लोहे के त्रिशूल (trident) की नोक से आहार लिया था। यह घटना उनके अत्यंत कठिन तपस्या और संयम का उदाहरण मानी जाती है। त्रिशूल की नोक बहुत ही पतली और छोटी होती है, जिससे आहार लेना अत्यंत कठिन है। इसके माध्यम से उन्होंने यह दर्शाया कि संयम, तप और अहिंसा के मार्ग पर चलना कितना कठिन हो सकता है, लेकिन दृढ़ संकल्प और साधना से सब कुछ संभव है।
यह प्रेरक कथा जैन साधुओं के कठोर व्रत, तपस्या और आत्मसंयम को दर्शाती है।