कोठारी गौत्र कुलदेवी
जैन परंपरा में कोठारी गोत्र की कुलदेवी एक ही निश्चित रूप से सार्वभौमिक नहीं मानी जाती। यह परिवार, क्षेत्र, संघ, और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
कुछ जैन परिवार अपनी कुलदेवी के रूप में:
- श्री पाद्मावती देवी
- श्री चक्रेश्वरी देवी
- श्री अम्बिका देवी
- या स्थानीय क्षेत्रपाल / कुलदेवी को मानते हैं।
यदि आप कोठारी गोत्र की किसी विशेष शाखा, नगर, या मंदिर-परंपरा के अनुसार कुलदेवी जानना चाहते हैं, तो वह अलग हो सकता है। जैन धर्म में ऐसी मान्यताएँ परंपरा-आधारित होती हैं, एक जैसी नहीं।
यदि चाहें, मैं जैन दृष्टि से कुलदेवी, कुलदेवता, और उनके पूजन का अर्थ भी सरल भाषा में बता सकता हूँ।