jindattsuri ji story details
अगर आप आचार्य जिनदत्तसूरीजी की बात कर रहे हैं, तो उनका संक्षिप्त जीवन-प्रसंग यह है:
आचार्य जिनदत्तसूरी जैन परंपरा के एक महान विद्वान और प्रभावशाली आचार्य थे। जैन कथा-परंपरा में उन्हें विशेष रूप से आचार्य हरिभद्रसूरी के जीवन से जोड़ा जाता है। एक प्रसिद्ध प्रसंग के अनुसार, पंडित हरिभट्ट एक गाथा का अर्थ समझ नहीं पाए थे। तब उन्होंने साध्वी यकिनी महत्तरा से सहायता ली, और अगले दिन उनके गुरु जिनदत्तसूरीजी ने उस गाथा का अर्थ स्पष्ट किया। उसी से प्रभावित होकर हरिभट्ट ने उनसे दीक्षा ली और आगे चलकर वे आचार्य हरिभद्रसूरी के नाम से प्रसिद्ध हुए। ( jainknowledge.com)
इस प्रसंग से जिनदत्तसूरीजी की गंभीर विद्वत्ता, सरलता, और जैन ज्ञान-परंपरा में उनका महत्त्व प्रकट होता है। जैन साहित्य में उनका नाम श्रद्धा से लिया जाता है क्योंकि उन्होंने एक बड़े विद्वान को जैन धर्म की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ( jainknowledge.com)
यदि आप चाहें, तो मैं जिनदत्तसूरीजी की पूरी कथा, हरिभद्रसूरीजी से उनका संबंध, या उनके जीवन का सरल सार भी जैन दृष्टि से बता सकता हूँ।