Kaun sa gyan pratyaksh nahi hai
जैन दर्शन में मति ज्ञान और श्रुत ज्ञान प्रत्यक्ष नहीं, बल्कि परोक्ष ज्ञान माने जाते हैं।
संक्षेप में:
- प्रत्यक्ष ज्ञान: अवधि ज्ञान, मनःपर्याय ज्ञान, केवलज्ञान
- परोक्ष ज्ञान: मति ज्ञान, श्रुत ज्ञान
इसलिए, यदि पूछा जाए “कौन सा ज्ञान प्रत्यक्ष नहीं है?” तो उत्तर है: मति ज्ञान और श्रुत ज्ञान।