Diksha divas shayari
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यह रही दीक्षा दिवस पर एक श्रद्धापूर्ण शायरी:
दीक्षा का यह पावन दिन, त्याग-तपस्या का अनुपम क्षण। मोह-माया से दूर चले, आत्म-कल्याण का सुंदर पथ चुन।
संयम, श्रद्धा, और वैराग्य का दीप जलाया है, प्रभु मार्ग पर चलकर जीवन को सवारा है। दीक्षा दिवस पर वंदन यही, आत्मा ने अपने स्वरूप को पहचाना है।
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