Kya Ravan pujniya hai
Answer
नहीं, जैन धर्म में रावण पुजनीय नहीं माने जाते।Explanation
जैन परंपरा में पूजा के योग्य मुख्यतः ये होते हैं:- अरिहंत
- सिद्ध
- आचार्य
- उपाध्याय
- साधु-साध्वी
रावण को जैन दृष्टि से एक शक्तिशाली ऐतिहासिक/कथात्मक पात्र के रूप में देखा जाता है, लेकिन उन्हें आराध्य या पूज्य नहीं माना जाता। कुछ जैन ग्रंथों में उनका वर्णन अलग रूप में मिलता है, फिर भी उनका जीवन कर्म, अहंकार और पतन की शिक्षा देता है, न कि पूजा का।