Give me the Sankalp mantra in hindi
Answer
जैन धर्म में पूजा या जप से पहले बोला जाने वाला एक सरल संकल्प इस प्रकार है:
मम सर्वपापक्षयपूर्वकं, आत्मशुद्धि-शुद्धोपयोग-सिद्ध्यर्थं, भगवद्भक्ति-पूजन-जप-ध्यानादि धर्मकार्यार्थं अयं संकल्पः।
Explanation
इसका सरल भाव यह है:
- मैं अपने पापों के क्षय के लिए
- आत्मशुद्धि और शुद्ध उपयोग के लिए
- भगवान की भक्ति, पूजा, जप और ध्यान के लिए
- यह संकल्प करता हूँ
यह कोई एकमात्र सार्वभौमिक मंत्र नहीं, बल्कि पूजा-भावना का एक शुद्ध और प्रचलित रूप है।
Spiritual Understanding
जैन धर्म में संकल्प का अर्थ है मन, वचन और कर्म को शुभ दिशा में लगाना। संकल्प करने से साधना में एकाग्रता आती है, और भक्ति में शुद्ध भाव बना रहता है।
Takeaway
यदि आप चाहें, तो मैं नवकार मंत्र या पूजा में बोला जाने वाला शुद्ध जैन संकल्प भी हिंदी में दे सकता हूँ।