shrimad vijay tilak suriswarji kaunse sampradai se ate hai
52
Answer
श्रिमद् विजय तिलक सूरिश्वरजी महाराज श्वेतांबर मूर्तिपूजक परंपरा के तपागच्छ (Tapā-gaccha) से संबंधित माने जाते हैं। उपलब्ध इतिहास-ग्रंथ में उन्हें तपागच्छ की एक शाखा/परंपरा से जोड़ा गया है। ( jainpedia.org)
Explanation
Tapā-gaccha, श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन परंपरा के प्रमुख गणों में से एक है। उसी स्रोत में विजय तिलक सूरि का उल्लेख तपागच्छ के अंदर की शाखीय परंपरा के संदर्भ में किया गया है। ( jainpedia.org)
Takeaway
संक्षेप में, विजय तिलक सूरिश्वरजी तपागच्छ-सम्बद्ध श्वेतांबर मूर्तिपूजक आचार्य परंपरा से आते हैं। ( jainpedia.org)