Vyanjan nimit shashtra main konse vyanjan ya chinha hai
Answer
जैन निमित्त-शास्त्र में
“व्यंजन निमित्त” से आशय
शरीर पर दिखाई देने वाले बाहरी चिह्नों से है, जैसे
तिल, मसा आदि। इन्हीं चिह्नों को देखकर शुभ-अशुभ का अनुमान किया जाता है। यह अष्ट निमित्तों में एक है। (
jainkosh.org)
Explanation
“व्यंजन” का अर्थ यहाँ
शरीर के ऊपर दिखने वाले संकेत है। कुछ ग्रंथों में इसे
तिल, मसा जैसे चिह्नों के रूप में समझाया गया है। इसलिए जब किसी व्यक्ति के शरीर पर ऐसे चिह्न देखकर फल-निर्णय किया जाए, तो उसे
व्यंजन निमित्त कहा जाता है। (
jainkosh.org)
Spiritual Understanding
जैन परंपरा में निमित्त-ज्ञान का उद्देश्य केवल बाहरी संकेतों को समझना है; लेकिन मोक्षमार्ग में मुख्य बल
सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र पर ही रहता है। इसलिए निमित्त-ज्ञान को सहायक माना जाता है, मुख्य नहीं। (
jainkosh.org)
Takeaway
संक्षेप में:
व्यंजन निमित्त = शरीर पर दिखने वाले चिह्न, जैसे तिल और मसा। (
encyclopediaofjainism.com)