पूजा के समय बाँधे जाने मुखकोश में कितने पड होते हैं?
Answer
पूजा के समय बाँधा जाने वाला मुखकोश सामान्यतः
अष्टपडवाला होता है, यानी उसमें
8 पड़ / 8 तहें होती हैं। (
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Explanation
जैन पूजन-विधि में इसे “अष्टपडवाला मुखकोश” कहा गया है, और कुछ पाठ्य-सामग्री में इसे “eight layered mukhkosh” भी लिखा गया है। (
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Spiritual Understanding
इसका उद्देश्य पूजा के समय मुख और नाक से सूक्ष्म अशुद्धि प्रतिमा पर न पड़े, और भक्ति की मर्यादा बनी रहे। (
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Takeaway
संक्षेप में:
मुखकोश = 8 पड़ वाला, यानी अष्टपडवाला। (
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