Gyan ke upkaran ke naam
जैन धर्म के अनुसार ज्ञान के उपकारण (ज्ञान प्राप्ति के साधन) दो प्रकार के होते हैं:
- अंतःकरण (Internal Instruments)
- मन (Mind) - आत्मा (Soul)
- बह्यकरण (External Instruments)
- इन्द्रियाँ (Sense Organs: जैसे—चक्षु, श्रोत्र, घ्राण, रसना, स्पर्श) - बाह्य विषय (External Objects)
संक्षेप में, जैन दर्शन में ज्ञान के उपकारण दो मुख्य हैं: इन्द्रिय (Sense organs) और मन (Mind)। इनके द्वारा आत्मा ज्ञान प्राप्त करती है।
कुछ जैन ग्रंथों में इन्हें इस प्रकार भी बताया गया है:
- प्रमेय (Knowable objects)
- प्रमाता (Knower, i.e., soul)
- प्रमाण (Means of valid knowledge, e.g., प्रत्यक्ष, परोक्ष)
सारांश: ज्ञान के उपकारण — इन्द्रियाँ, मन, आत्मा और बाह्य विषय।