2 करोड़ केवली कहां रहते हैं
Answer
जैन धर्म में
केवली किसी एक स्थायी जगह पर “रहते” नहीं हैं।
- देहधारी केवली मनुष्य लोक में विहार करते हैं।
- मोक्ष प्राप्त केवली सिद्ध होकर सिद्धशिला में विराजमान हो जाते हैं।
Explanation
केवली वह जीव होता है जिसे
केवलज्ञान प्राप्त हो जाता है।
जब तक शरीर रहता है, तब तक वह इस लोक में धर्मोपदेश देते हुए विचरते हैं।
शरीर छूटने के बाद वे
मुक्त हो जाते हैं और फिर
सिद्धलोक की सिद्धशिला में रहते हैं।
Spiritual Understanding
केवली का जीवन हमें यह सिखाता है कि
- सच्चा ज्ञान आत्मा को शुद्ध करता है,
- वैराग्य मुक्ति की ओर ले जाता है,
- और अंतिम लक्ष्य मोक्ष है।
Takeaway
संक्षेप में:
देहधारी केवली मनुष्य लोक में, और मोक्ष प्राप्त केवली सिद्धशिला में रहते हैं।