Pancha-paraavartana का क्या मतलब है
Answer
पंच-परावर्तन का अर्थ जैन धर्म में जीव के संसार में होने वाले पाँच प्रकार के बार-बार परिवर्तन या भ्रमण से है। इसे द्रव्य, क्षेत्र, काल, भव और भाव—इन पाँच रूपों में समझाया गया है। (
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Explanation
Spiritual Understanding
इसका आध्यात्मिक संदेश यह है कि जब तक मिथ्यात्व और कषाय बनी रहती हैं, तब तक जीव संसार-चक्र में घूमता रहता है। जैन ग्रंथों के अनुसार सम्यग्दर्शन प्रकट होने पर पंच-परावर्तन समाप्त हो जाता है। (
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Takeaway
संक्षेप में, पंच-परावर्तन का अर्थ है जीव का संसार में पाँच स्तरों पर बार-बार बदलना और भटकना। जैन दृष्टि में इससे मुक्ति का मार्ग सम्यग्दर्शन, संयम और मोक्ष की ओर बढ़ना है। (
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