नरक के द्वार कौन से हैं? A कंदमूल B मदिरा C रात्रिभोजन D झूठ बोलना
उत्तर
इन विकल्पों में सही उत्तर है: B. मदिराExplanation
जैन धर्म में मदिरा और अन्य नशे विवेक को नष्ट करते हैं, आत्म-नियंत्रण को कमजोर करते हैं, और पाप-प्रवृत्तियों को बढ़ाते हैं। इसलिए इन्हें अधःपतन का कारण माना जाता है।Spiritual Understanding
जैन दृष्टि से जो चीज़ें अहिंसा, संयम और जागरूकता को घटाती हैं, वे आत्मा के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। मदिरा व्यक्ति की चेतना को धुंधला करती है, इसलिए इसे बहुत दोषपूर्ण माना गया है।Takeaway
जैन धर्म में संयम और जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण हैं, और मदिरा को उनसे विपरीत माना जाता है।