रत्नाशेखर सूरि जी के विषय में कुछ बतायें
Answer
आचार्य श्री रत्नशेखर सूरि जी जैन साहित्य-परंपरा के एक विद्वान आचार्य माने जाते हैं। उपलब्ध जैन ग्रंथ-सूचियों में उनके नाम से कई रचनाएँ और प्रतियाँ दर्ज हैं, जैसे Gunsthan Kramaroh, Shraddh Vidhi से संबंधित ग्रंथ, और Shripal Charitra। ( jainqq.org)Explanation
शिलालेखीय और ग्रंथ-सूची संबंधी संदर्भों में भी उनका नाम मिलता है। उदाहरण के लिए, Jain Inscriptions of Rajasthan में V.E. 1507 के अंतर्गत “Ratnashekhar Suri” का उल्लेख उस आचार्य के रूप में है, जिन्होंने एक प्रतिमा की प्रतिष्ठा करवाई। ( jainqq.org)उनके नाम की वर्तनी अलग-अलग स्रोतों में कुछ भिन्न रूपों में मिलती है, जैसे Ratnashekhar / Ratnasekhar / Ratnashckhar। यह जैन हस्तलिखित-सूचियों में सामान्य बात है। ( jainqq.org)