Sadhu bhagwant dwara dharan karne wali padima
Answer
जैन धर्म में प्रतिमा का संबंध मुख्य रूप से श्रावक-श्राविकाओं से होता है। साधु भगवंत प्रतिमा नहीं, बल्कि 28 मूलगुण, पाँच महाव्रत, और कठोर संयम का पालन करते हैं।Explanation
साधु जीवन में मुख्य पालन ये होते हैं:- अहिंसा महाव्रत
- सत्य महाव्रत
- अस्तेय महाव्रत
- ब्रह्मचर्य महाव्रत
- अपरिग्रह महाव्रत
इसके साथ-साथ साधु भगवंत:
- रात्रिभोजन का त्याग करते हैं
- वस्त्र, आहार, विहार, बोलचाल में संयम रखते हैं
- इन्द्रिय-विजय और आत्मसंयम का पालन करते हैं
यदि आप श्रावक की प्रतिमाओं के बारे में पूछ रहे हैं, तो वे 11 प्रतिमा कहलाती हैं।
Spiritual Understanding
जैन धर्म में साधु जीवन का लक्ष्य है:- पूर्ण संयम
- आत्मशुद्धि
- कर्मों की निर्जरा
- मोक्षमार्ग की साधना
इसलिए साधु के लिए प्रतिमा से अधिक महत्वपूर्ण मूलगुण और व्रतपालन है।