यदि आप जैन पद्मपुराण की बात कर रहे हैं, तो इसके रचयिता आचार्य रविषेण (रविषेणाचार्य) माने जाते हैं।
Explanation
जैन परंपरा में पद्मपुराण एक प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन-चरित्र को जैन दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। इसकी रचना आचार्य रविषेण ने की थी।
Spiritual Understanding
जैन साहित्य में ऐसे ग्रंथ केवल कथा नहीं होते, बल्कि वे धर्म, नीति, संयम और आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाते हैं। पद्मपुराण भी इसी परंपरा का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।