नहीं। सामान्यतः पद्मपुराण के रचयिता आचार्य रविषेण (Raviṣeṇa) माने जाते हैं। Jainpedia के अनुसार Padma-purāṇa संस्कृत में 678 ई. में रविषेण द्वारा रचित है। ( jainpedia.org)
Explanation
इसलिए आचार्य कीर्तिधर को पद्मपुराण का मान्य रचयिता नहीं माना जाता। उपलब्ध जैन स्रोतों में इस कृति के लेखक के रूप में रविषेण ही दिए गए हैं। ( jainpedia.org)
Spiritual Understanding
जैन साहित्य में कृति के सही रचयिता का ज्ञान महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परंपरा, शास्त्रीय संदर्भ और ग्रंथ की प्रामाणिकता समझने में सहायता मिलती है। ( jainpedia.org)