सत्यकर्म dhavala जय dhavala के रचिता कौन हैं
Answer
यदि आप
षट्खंडागम-धवला और
जयधवला की बात कर रहे हैं, तो इनके प्रमुख रचयिता
आचार्य वीरसेन हैं।
धवला की टीका आचार्य वीरसेन ने पूरी की, और
जयधवला की रचना
आचार्य वीरसेन ने शुरू की तथा इसे
आचार्य जिनसेन ने पूरा किया। (
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Explanation
- धवला = षट्खंडागम पर आचार्य वीरसेन की टीका। ( jainpedia.org)
- जयधवला = कषायप्राभृत पर टीका, जिसे आचार्य वीरसेन ने आरंभ किया और आचार्य जिनसेन ने पूर्ण किया। ( jainpedia.org)
Spiritual Understanding
जैन परंपरा में ये ग्रंथ
कर्म-सिद्धांत के अत्यंत गूढ़ और महत्वपूर्ण ग्रंथ माने जाते हैं। इन पर आचार्य परंपरा की टीकाएँ शास्त्र-अध्ययन को अधिक स्पष्ट और गहन बनाती हैं। (
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Takeaway
संक्षेप में:
धवला के रचयिता आचार्य वीरसेन और
जयधवला के रचयिता आचार्य वीरसेन तथा आचार्य जिनसेन माने जाते हैं। (
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