यदि आप प्रसिद्ध कन्नड़ “यशोधर चरिते” की बात कर रहे हैं, तो उसके रचयिता जन्न (Janna) हैं। ( commons.wikimedia.org)
Explanation
जैन साहित्य में “यशोधर” विषय पर एक से अधिक रचनाएँ मिलती हैं, इसलिए लेखक भाषा और पाठ के अनुसार बदलते हैं। एक तालिका में संस्कृत “Yasodhara-carita” को वादिराज और सकलकीर्ति के नाम से, तथा कन्नड़ “Yasodhara-carite” को जन्न के नाम से दर्ज किया गया है। ( clai.in)
Takeaway
संक्षेप में: कन्नड़ “यशोधर चरिते” = जन्न, लेकिन यशोधर विषय की अन्य जैन रचनाओं के अलग रचयिता भी हैं। ( clai.in)