जैन परंपरा में देवकृत अतिशय सामान्यतः 14 माने जाते हैं। तीर्थंकरों के 34 अतिशयों में से ये 14 देवों द्वारा किए गए अतिशय बताए जाते हैं। ( encyclopediaofjainism.com)
Explanation
कुछ ग्रंथों में गणना का थोड़ा भेद भी मिलता है, लेकिन सामान्य रूप से प्रचलित मान्यता 14 देवकृत अतिशय की ही है। ( encyclopediaofjainism.com)