samaan shavakachar ka rachita
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समान शावकाचार (Saman Shravakachar) के रचयिता आचार्य श्री तोदर्मल जी (Acharya Shri Todarmal Ji) हैं। यह ग्रंथ जैन धर्म के श्रावकों (गृहस्थ अनुयायियों) के आचार और कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन करता है, तथा दिगंबर जैन परंपरा में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।