23. पाँचवी ढाल में किसकी चर्चा की गई है?
पाँचवी ढाल (ढाल – Jain canonical text का एक भाग) में "सम्यक्त्व" (सम्यक् दर्शन) की चर्चा की गई है। इसमें सम्यक् दर्शन के लक्षण, उसकी महत्ता, उसके प्रकार, और सम्यक् दर्शन प्राप्त करने के उपायों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। सम्यक्त्व का अर्थ है—सच्चे तत्वों में श्रद्धा और सही दृष्टिकोण रखना, जो मोक्ष मार्ग का प्रथम और अत्यंत आवश्यक अंग है।
यदि आप किसी विशेष ग्रंथ (जैसे, समयसार की ढाल, या अन्य किसी ग्रंथ की ढाल) के बारे में पूछ रहे हैं, तो कृपया उसका नाम स्पष्ट करें, ताकि मैं आपको और अधिक सटीक उत्तर दे सकूं।