Tivihar upwas ka pachkaan
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Answer
तिविहार उपवास का सामान्य पच्चखाण इस प्रकार लिया जाता है:“सावज्जं योगं पच्चक्खामि, तिविहं आहारं पच्चक्खामि।”
Explanation
इसका सरल अर्थ है:- मैं पापयुक्त प्रवृत्ति का त्याग करता/करती हूँ।
- मैं तीन प्रकार के आहार का त्याग करता/करती हूँ, यानी:
तिविहार उपवास में साधारणतः यह संकल्प लिया जाता है कि उपवास की अवधि में किसी भी प्रकार का आहार ग्रहण नहीं किया जाएगा।
Spiritual Understanding
तिविहार उपवास आत्मसंयम, तप और साधना का सुंदर रूप है। इससे:- इंद्रियों पर नियंत्रण बढ़ता है
- कर्मों की निर्जरा होती है
- आत्मशुद्धि में सहायता मिलती है
- अहिंसा और वैराग्य की भावना दृढ़ होती है