Narak me kaun se tap kar sakte hai
Answer
नरक में धार्मिक तपस्या नहीं की जा सकती। वहाँ जीव अपने कर्मों का कष्टदायक फल भोगते हैं, इसलिए उपवास, स्वाध्याय, सामायिक, ध्यान, प्रायश्चित्त जैसे तप करने की स्वतंत्र अवस्था नहीं होती।Explanation
जैन धर्म के अनुसार तपस्या का अर्थ है आत्मशुद्धि के लिए स्वेच्छा से संयम, सहनशीलता और साधना करना। लेकिन नरकगति में जीव अत्यंत तीव्र दुख, पीड़ा और अशांति में रहते हैं। वहाँ उन्हें:- इच्छानुसार साधना का अवसर नहीं मिलता
- मन की स्थिरता नहीं रहती
- शरीर और वातावरण बहुत कष्टदायक होते हैं
इसलिए नरक में तप करने की नहीं, बल्कि कर्म-फल भोगने की अवस्था होती है।