Jin mandir mein jaganya se kitne aashatna ka tyaag karna chaheya
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Answer
जिन मंदिर में जघन्य रूप से 84 आशातनाओं का त्याग करना चाहिए। ( jainqq.org)
Explanation
जैन परंपरा में जिनमंदिर के प्रति जो भी अविनय, अनादर या विराधना होती है, उसे आशातना कहा जाता है। इसलिए मंदिर में शुद्धि, विनय और सावधानी रखकर 84 आशातनाओं से बचना बताया गया है। ( jainqq.org)
Spiritual Understanding
जिनमंदिर केवल भवन नहीं, बल्कि भगवान जिनेंद्र के प्रति श्रद्धा और संयम का पवित्र स्थान है। वहाँ थोड़ी-सी भी असावधानी से विनय में कमी आ सकती है, इसलिए आशातनाओं का त्याग बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ( jainqq.org)
Takeaway
संक्षेप में: जिन मंदिर में 84 आशातनाओं का त्याग करना चाहिए। ( jainqq.org)