शिष्यों का जंजाल किसने तोड़ा
यदि आपका आशय जैन परंपरा में शिष्यों के भ्रम या जंजाल को तोड़ने वाले व्यक्तित्व से है, तो भगवान महावीर स्वामी माने जाते हैं। उनके उपदेशों से अनेक विद्वान और उनके शिष्य जैन संघ से जुड़े, और बहुतों ने उनसे दीक्षा भी ली। ( jainqq.org)