Kitne upsarg aadinath bhagwan ho hue
Jain dharma ke anusar, Bhagwan Aadinath (Rishabhdev) par 108 upsarg (कष्ट या विघ्न) hue the। इन upsargon का उल्लेख Jain granthon, जैसे कि "Kalpasutra" और "Adipurana" में मिलता है। इनके जीवन में अनेक कठिनाइयाँ और कष्ट आए, किंतु उन्होंने धैर्य और संयम के साथ उनका सामना किया। इन upsargon का प्रमुख उद्देश्य यह दिखाना है कि तीर्थंकर भी संसार में अनेक कष्टों का सामना करते हैं, फिर भी वे धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हैं।
अतः, भगवान आदिनाथ पर 108 उपसर्ग हुए थे।