कविरत्न केवल मुनि जी महाराज का जन्म स्थान, कितने साल के तब दीक्षा ली और उनके बारे में परिचय चाहिए
उत्तर
कविरत्न/उपाध्याय श्री केवलमुनि जी महाराज का जन्म-स्थान कुराना गाँव, जमनापार बताया गया है। वे वि. सं. 1985 में दीक्षित हुए थे। उपलब्ध जानकारी के आधार पर, उनकी दीक्षा के समय आयु लगभग 72–73 वर्ष रही होगी। ( jainqq.org)
परिचय
वे जैन दिवाकर परंपरा के प्रमुख प्रभावशाली शिष्य और एक प्रख्यात शतावधानी विद्वान माने जाते हैं। उनके बारे में यह भी मिलता है कि बचपन में वे कुराना गाँव में रहे, बाद में दिल्ली पहुँचे, फिर मुंबई गए, और वहीं दीक्षा ग्रहण की। ( jainqq.org)
वे जैन साहित्य, वक्तृत्व और स्मृति-ग्रंथ संपादन के लिए प्रसिद्ध रहे। “श्री जैन दिवाकर स्मृति ग्रन्थ” के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है। ( jainqq.org)
संक्षिप्त सार
- जन्म स्थान: कुराना गाँव, जमनापार. ( jainqq.org)
- दीक्षा: वि. सं. 1985, मुंबई. ( jainqq.org)
- दीक्षा के समय आयु: लगभग 72–73 वर्ष. ( jainqq.org)
- विशेषता: शतावधानी, कविरत्न, और जैन दिवाकर परंपरा के प्रमुख शिष्य. ( jainqq.org)
Takeaway
केवलमुनि जी महाराज का जीवन हमें यह सिखाता है कि ज्ञान, वैराग्य और साधना के लिए आयु बाधा नहीं होती। उन्होंने जीवन के उत्तरार्ध में भी संयम का महान मार्ग अपनाया। ( jainqq.org)